Best 120+ Zakir Khan Shayari in Hindi | ज़ाकिर खान शायरी 2025
Zakir Khan Shayari in Hindi: ज़ाकिर खान, जिन्हें लोग प्यार से “सख्त लौंडा” के नाम से जानते हैं, सिर्फ़ एक कॉमेडियन नहीं बल्कि एक ऐसे शायर हैं जो दिल की गहराइयों तक उतर जाने वाली बातें अपने शब्दों में बयाँ करते हैं। उनकी शायरी में ज़िंदगी के हर रंग, मोहब्बत, दर्द, संघर्ष, सफलता और दोस्ती की झलक देखने को मिलती है। ज़ाकिर खान की शायरी में वो सादगी है जो हर आम इंसान से जुड़ जाती है, और वो गहराई है जो दिल को छू जाती है। उनके अल्फ़ाज़ अक्सर हमें अपने अनुभवों की याद दिलाते हैं और ज़िंदगी को नए नज़रिए से देखने की प्रेरणा देते हैं।
इस पोस्ट में हम आपके लिए लाए हैं ज़ाकिर खान की बेहतरीन शायरी, जो आपको हँसाएँगी भी, रुलाएँगी भी, और सोचने पर मजबूर भी करेंगी।
Zakir Khan Shayari

मेरे दो चार खुवाब है जिन्हे मैं आसमा से दूर चाहता हु
ज़िंदगी चाहे गुमनाम रहे, लेकिन मौत मैं मशहूर चाहता हु !!
गर यकीन ना हों तो बिछड़ कर देख लो
तुम मिलोगे सबसे मगर हमारी ही तलाश में !!
बड़े महंगे थे पर अब सस्ते में नहीं आएंगे
आज के बाद तेरे रस्ते में नहीं आएंगे !!
मेरे इश्क़ से मिली है तेरे हुस्न को ये शोहरत
तेरा ज़िक्र ही कहां था, मेरी दास्तान से पहले !!
मेरी अपनी और उसकी आरज़ू में फर्क ये था
मुझे बस वो और उसे सारा जमाना चाहिए था !!
Zakir Khan Shayari on Love

कहते हैं सच्चा प्यार एक ही बार होता है
शायद इसलिए अब तक तुझसे ही मोहब्बत है !!
प्यार वो नहीं जो आँखों से दिख जाए
प्यार तो वो एहसास है जो भीड़ में भी पहचान जाए !!
इश्क को मासूम रहने दो नोटबुक के आखिरी पन्ने पर
आप इस्तेमाल किताब में डालकर मुश्किल न कीजिए !!
यून तो मिलाय हैं लोग हमे पहले भी बहुत से
पर तुम जितना उनमे से कोई याद नहीं आता !!
माना कि तुम को भी इश्क़ का तजुर्बा काम नहीं
हमनें भी तो बगों में हैं कई तितलियां उड़ाई !!
Emotional Zakir Khan Shayari

तेरी बेवफाई के अंगारो में लिप्ति रही यूं रूह मेरी
मैं इस तरह आग न होता, जो हो जाति तू मेरी !!
अब वह आग नहीं रही, न शोलों जैसा देहेकता हूँ
रंग भी सब के जैसा है, सब सा ही तो महेकता हूँ !!
बेवजह बेवफाओं को याद किया है
गलत लोगों पर बहुत वक्त बरबाद किया है !!
बड़ी कश्मकश में है ये जिंदगी
तेरा मिलना इश्क़ था या फरेब !!
यूं तो भूले हैं हमें लोग कई, पहले भी बहुत से
पर तुम जितना कोई उन्मे से, कभी याद नहीं आया !!
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Zakir Khan Shayari in Hindi

हर एक दस्तूर से बेवफाई, मैं शिद्दत से है निभाई
रास्ते भी खुद है धुंधे, और मंजिल भी खुद बनाई !!
मेरा सब बुरा भी कहना अच्छा भी सब बताना
जाउ जब इस दुनिया से मेरा दास्तान सुनाना !!
ज़मीन पर आ गिरे जब आसमां से ख़्वाब मेरे
ज़मीन ने पूछा क्या बनने की कोशिश कर रहे थे !!
मेरी जमीन तुमसे गहरी रही है
वक़्त आने दो, आसमान भी तुमसे ऊंचा रहेगा !!
लहू के थे जो रिश्ते उन्हें छोड़के आ गए
सुकून आँखों के सामने था मुँह मोड़ के आ गए
खजाने लूट रहे थे माँ बाप की छाँव में
हम कौड़ियों के खातिर घर छोड़ के आये !!
Zakir Khan Shayari on Life

हर बार हारा नहीं हूँ मैं बस कुछ सबक सीख गया हूँ
ज़िंदगी ने गिराया बहुत पर हर बार खुद को उठाया हूँ !!
जिंदगी से कुछ ज्यादा नहीं, बस इतनी सी फरमाइश है
अब तस्वीर से नहीं तफ़सील से मिलने की ख्वाहिश है !!
हम भी वही हैं, बस अब समझदार हो गए
अब चोट लगती है, तो शोर नहीं होता !!
हमने ज़िन्दगी को बहुत करीब से देखा है
कभी हँसाई है, तो कभी रुलाया है !!
अपने आप के भी पीछे खड़ा हूं में
जिंदगी कितना धीरे चला हूं में !!
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Motivation Zakir Khan Shayari

कठिन रास्ते ही मंज़िल तक ले जाते हैं
आसान सफ़र तो बस लोगों को भटका देते हैं !!
सपनों को सच करने का एक ही तरीका है
खुद पर भरोसा रखो, बाक़ी सब वक्त पर छोड़ दो !!
लोग कहते हैं किस्मत बदलनी मुश्किल है
हम कहते हैं हिम्मत रख, किस्मत झुक जाएगी !!
ज़िन्दगी हर रोज़ इम्तिहान लेती है
और हम हर रोज़ थोड़े बेहतर बन जाते हैं !!
हर बार जीतने का शौक़ नहीं हमें
कभी-कभी हार में भी सुकून मिल जाता है !!
Zakir Khan Shayari on Friendship

दोस्त वो नहीं जो हर वक्त साथ रहे
दोस्त वो है जो वक्त बदल जाने पर भी अपना रहे !!
ज़िंदगी में कुछ पल ऐसे होते हैं जो याद बन जाते हैं
और कुछ दोस्त ऐसे जो परिवार बन जाते हैं !!
दोस्ती में ना कोई हिसाब, ना कोई सवाल
बस एक मुस्कान और सच्चा ख्याल !!
दोस्त वो नहीं जो हर वक्त साथ रहे
दोस्त वो है जो दूर रहकर भी पास लगे !!
ज़िन्दगी में बहुत लोग आते-जाते हैं
पर असली दोस्त वही जो लौटकर फिर से मुस्कुरा दे !!
Zakir Khan Shayari on Success

सफलता की किताब में मेरी कहानी भी लिखी जाएगी
जिसे सबने नज़रअंदाज़ किया, वही मिसाल बन जाएगी !!
सपने देखने वाले बहुत हैं यहाँ
पर उन्हें पूरा करने वाले बहुत कम हैं वहाँ !!
ज़िंदगी में मंज़िलें नहीं, सफ़र अहम है
क्योंकि वही बताता है, कौन अपने संग है !!
कभी ठोकरों से डर कर मत रुकना
क्योंकि गिरना ही तो सिखाता है उठना !!
जरूरी नहीं कि हर मेहनत कामयाबी ले आए
कुछ कोशिशें तैयारी के लिए भी होती है !!
Zakir Khan Shayari Latest

हर एक दस्तूर से बेवफाई मैंने शिद्दत से हैं निभाई
रास्ते भी खुद हैं ढूंढे और मंजिल भी खुद बनाई !!
तेरा बेवफा होना मेरे रब को भा गया
तूने मुझे छोड़ा देख मैं कहाँ आ गया !!
बता देना सबको की मैं मतलबी बहुत बड़ा था
बड़ी मुकाम पे मैं तनहा खड़ा था !!
बहुत मासूम लड़की है इश्क़ की बात नहीं समझती न जाने
किस दिन में खोयी रहती, मेरी रात नहीं समझती !!
लो खरीद लो अब इससे कीमती कुछ भी नहीं है मेरे पास
की जिसमे रखा था गुलाब, हमने वो किताब बेच दिया है !!
