Best 120+ Kumar Vishwas Shayari in Hindi | कुमार विश्वास शायरी 2025
डॉ. कुमार विश्वास हिन्दी कविता और शायरी की दुनिया का एक ऐसा नाम है, जिन्होंने अपने शब्दों से करोड़ों दिलों को छू लिया है। उनकी शायरी सिर्फ तुकबंदी नहीं, बल्कि भावनाओं का सागर है। जिसमें प्रेम, देशभक्ति, प्रेरणा और जीवन के अनुभव एक साथ बहते हैं। मंच पर उनकी आवाज़, उनके शब्दों की गहराई और उनके अंदाज़ ने युवाओं में कविता के प्रति एक नई लहर पैदा की है।
कुमार विश्वास की शायरी में आत्मविश्वास, संवेदनशीलता और सच्चाई की झलक मिलती है, जो हर व्यक्ति के दिल में एक खास जगह बना लेती है। इस पोस्ट में हम प्रस्तुत कर रहे हैं कुछ बेहतरीन Kumar Vishwas Shayari, जो आपके दिल को जरूर छू जाएंगी और सोचने पर मजबूर कर देंगी।
Kumar Vishwas Shayari

कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझाता है
मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है
मै तुझसे दूर कैसा हूँ, तू मुझसे दूर कैसी है
ये तेरा दिल समझता है या मेरा दिल समझता है !!
वो जिसका तीर चुपके से जिगर के पार होता है
वो कोई गैर क्या अपना ही रिश्तेदार होता है
किसी से अपने दिल की बात तू कहना ना भूले से
यहाँ ख़त भी थोड़ी देर में अखबार होता है !!
बात करनी है बात कौन करे
दर्द से दो-दो हाथ कौन करे
हम सितारे तुम्हें बुलाते हैं
चांद ना हो तो रात कौन करे !!
ज़ख्म भर जाएंगे तुम मिलो तो सही
दिन सँवर जाएंगे तुम मिलो तो सही
रास्ते में खड़े दो अधूरे सपने
एक घर जाएंगे तुम मिलो तो सही !!
एक दो दिन में वो इकरार कहाँ आएगा
हर सुबह एक ही अखबार कहाँ आएगा
आज जो बाँधा है इनमें तो बहल जायेंगे
रोज़ इन बाँहों का त्यौहार कहाँ आएगा !!
Kumar Vishwas Shayari in Hindi

हमारे शेर सुनकर भी जो खामोश इतना है
खुदा जाने गुरुर ए हुस्न में मदहोश कितना है
किसी प्याले से पूछा है सुराही ने सबब मय का
जो खुद बेहोश हो वो क्या बताये होश कितना है !!
पुराने दोस्त जमे हैं मुंडेर पर छत की
ये शाम रात से पहले ढली-ढली सी लगे
तुम्हारा ज़िक्र मिला है नरम हवा के हाथ
हमें ये जाड़े की आमद भली-भली सी लगे !!
ये तेरी बेरुख़ी की हम से आदत ख़ास टूटेगी
कोई दरिया न ये समझे कि मेरी प्यास टूटेगी
तेरे वादे का तू जाने मेरा वो ही इरादा है
कि जिस दिन साँस टूटेगी उसी दिन आस टूटेगी !!
तुम्हारे पास हूँ लेकिन जो दूरी है, समझता हूँ
तुम्हारे बिन मेरी हस्ती अधूरी है, समझता हूँ
तुम्हें मैं भूल जाऊँगा ये मुमकिन है नहीं लेकिन
तुम्हीं को भूलना सबसे जरूरी है, समझता हूँ !!
कोई पत्थर की मूरत है, किसी पत्थर में मूरत है
लो हमने देख ली दुनिया, जो इतनी खुबसूरत है
जमाना अपनी समझे पर, मुझे अपनी खबर यह है
तुझे मेरी जरुरत है, मुझे तेरी जरुरत है !!
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Motivational Kumar Vishwas Shayari

तू अगर खुद पे यक़ीन रखे तो किस्मत भी झुकेगी
तेरे इरादों की लौ से हर मुश्किल सुलगेगी
रात चाहे कितनी लंबी हो, सवेरा ज़रूर आएगा
जो जलता है मेहनत से, वो ही जगमगाएगा !!
मंज़िल उन्हीं को मिलती है जो सफ़र में थकते नहीं
हौसले से जो लड़ते हैं, वो कभी झुकते नहीं !!
हौसलों की उड़ान रख, मंज़िलें खुद पास आएंगी
राहों में मुश्किलें होंगी, मगर मुस्कान बनाए रख
जो थम गया वो हार गया, जो चल पड़ा वो जीत गया
ज़िंदगी उसी की है, अपने सपनों पे यक़ीन रख !!
चल पड़े हैं तो मंज़िल मिल ही जाएगी
रास्तों की धूल भी एक दिन चमक जाएगी
थक कर बैठना नहीं, बस बढ़ते जाना है
कदमों की लय ही तेरी पहचान बन जाएगी !!
मुश्किलें चाहे कितनी भी आएँ, हार मत मानना
हर रात के बाद नया सूरज है, बस ये जानना !!
Dard Kumar Vishwas Shayari

हमें मालूम है दो दिल जुदाई सह नहीं सकते
मगर रस्मे-वफ़ा ये है कि ये भी कह नहीं सकते
जरा कुछ देर तुम उन साहिलों कि चीख सुन भर लो
जो लहरों में तो डूबे हैं, मगर संग बह नहीं सकते !!
मोहब्बत एक अहसासों की, पावन सी कहानी है
कभी कबिरा दीवाना था, कभी मीरा दीवानी है
यहाँ सब लोग कहते हैं, मेरी आंखों में आँसू हैं
जो तू समझे तो मोती है, जो ना समझे तो पानी है !!
जिंदगी से लड़ा हूँ तुम्हारे बिना
हाशिए पर पड़ा हूँ तुम्हारे बिना
तुम गई छोड़कर, जिस जगह मोड़ पर
मैं वहीं पर खड़ा हूँ तुम्हारे बिना !!
जो किए ही नहीं कभी मैंने
वो भी वादे निभा रहा हूँ मैं
मुझसे फिर बात कर रही है वो
फिर से बातों मे आ रहा हूँ मैं !!
दिल के तमाम ज़ख़्म टेरी हाँ से भर गए
जितने कठिन थे रास्ते वो सब गुज़र गए !!
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Rishte Kumar Vishwas Shayari

रिश्ते तो वो आईना हैं, जो सच दिखा जाते हैं
कभी आँसू बनके, कभी हँसी दे जाते हैं
निभाने वाले तो आज भी जान लुटा देते हैं
बस कुछ लोग मतलब के मौसम में बदल जाते हैं !!
रिश्तों की डोर हमेशा मोहब्बत से बंधी होती है
अगर भरोसा टूटे तो उम्रभर की तन्हाई होती है !!
रिश्ते वही अच्छे जो दिल से निभाए जाएँ
न कि मतलब के वक्त काम आएँ
कुमार विश्वास के लफ़्ज़ों में बस इतना कह दूँ
सच्चे रिश्ते तो वक़्त की कसौटी पे भी मुस्कुराएँ !!
हर रिश्ता मोहब्बत की निशानी होता है
कभी दर्द, कभी कहानी होता है
जो समर्पण से सींचा जाए सच्चे मन से
वही रिश्ता इंसान की असली जवानी होता है !!
रिश्ते खून से ही नहीं, एहसास से भी बनते हैं
कुछ लोग अजनबी होकर भी अपने लगते हैं !!
Kumar Vishwas Shayari Love

मैं उसका हूँ वो इस एहसास से इनकार करती है
भरी महफ़िल में भी, रुसवा हर बार करती है
यकीं है सारी दुनिया को, खफा है हमसे वो लेकिन
मुझे मालूम है फिर भी मुझी से प्यार करती है !!
तेरी आँखों में जो देखा, वो असर कर गया
दिल कुछ कहने ही वाला था, मगर डर गया
तू मुस्कुरा के चली गई कुछ यूँ,
जैसे कोई ख़्वाब हक़ीक़त में उतर गया !!
छू गया जब कभी खयाल तेरा
दिल मेरा देर तक धड़कता रहा
कल तेरा ज़िक्र छिड़ गया था घर में
और घर देर तक महकता रहा !!
तू मिले या ना मिले ये मुक़द्दर की बात है
पर तुझे चाहना मेरा फर्ज़ और जज़्बात है
तू रहे हमेशा खुश इसी दुआ में जीता हूँ
तेरी मुस्कान ही मेरी सबसे बड़ी सौगात है !!
तेरे होंठों की हँसी पे ये दिल कुर्बान है
तेरे इश्क़ में हर लम्हा एक अरमान है
कहना तो बहुत कुछ चाहता हूँ तुझसे
पर तेरी खामोशी ही मेरी जान है !!
Kumar Vishwas Shayari Lyrics

सालों बीत जाते हैं तिनका तिनका सिमटने में
तब कहीं जाकर हो पाते हैं घोंसले मयस्सर
कमियां नहीं पैदा कर पाती दूरियां कभी सीमा
बस खुदगर्जी की चिंगारी ही हवा दे जाती है अक्सर !!
कहीं पर जग लिए तुम बिन, कहीं पर सो लिए तुम
बिन. भरी महफिल में भी अक्सर, अकेले हो लिए तुम
बिन ये पिछले चंद वर्षों की कमाई साथ है अपने कभी
तो हंस लिए तुम बिन, कभी तो रो लिए तुम बिन !!
ना पाने की ख़ुशी है कुछ ना खोने का ही कुछ गम है
ये दौलत और शोहरत सिर्फ कुछ जख्मो का मरहम है
अजब सी कशमकश है रोज जीने रोज मरने में
मुकम्मल जिंदगी तो है मगर पूरी से कुछ कम है !!
भ्रमर कोई कुमुदनी पर मचल बैठा तो हंगामा
हमारे दिल में कोई ख्वाब पल बैठा तो हंगामा
अभी तक डूबकर सुनते थे सब किस्सा मोहब्बत का
मैं किस्से को हकीकत में बदल बैठा तो हंगामा !!
नहीं कहा जो कभी ख़ामख़ा समझती है
जो चाहता हूँ मैं कहना कहाँ समझती है
सब तो कहते थे ताल्लुक में इश्क़ के अक्सर
आँख को आँख ज़बाँ को ज़बाँ समझती है !!
Dr Kumar Vishwas Shayari

उसी की तरह मुझे सारा जमाना चाहे
वह मेरा होने से ज्यादा मुझे पाना चाहे
मेरी पलकों से फिसल जाता है चेहरा तेरा
यह मुसाफिर तो कोई ठिकाना चाहे !!
मेरे जीने मरने में, तुम्हारा नाम आएगा
मैं सांस रोक लू फिर भी, यही इलज़ाम आएगा
हर एक धड़कन में जब तुम हो, तो फिर अपराध क्या मेरा
अगर राधा पुकारेंगी, तो घनश्याम आएगा !!
तेरी यादों से महकती हैं मेरी रातें
तेरे ख्यालों में खो जाती हैं सौग़ातें
तू पास नहीं फिर भी पास लगती है
तेरे बिना भी अधूरी नहीं मेरी बातें !!
तुम्हीं पे मरता है ये दिल अदावत क्यों नहीं करता
कई जन्मों से बंदी है बग़ावत क्यों नहीं करता
कभी तुमसे थी जो वो ही शिकायत है ज़माने से
मेरी तारीफ़ करता है मुहब्बत क्यों नहीं करता !!
हर लफ़्ज़ में बस तेरा नाम लिखा है
हर ख्वाब में तेरा ही अंजाम लिखा है
मोहब्बत की ये इनायत देख ऐ खुदा
दिल के हर कोने में तेरा सलाम लिखा है !!
