Best 150+ Tehzeeb Hafi Shayari in Hindi | तेज़ेब हाफ़ी शायरी 2025
Tehzeeb Hafi Shayari: शायरी दिल की आवाज़ होती है, और जब ये आवाज़ तेज़ीब हफ़ी की कलम से निकलती है, तो हर शब्द में एक अलग ही मिठास और गहराई महसूस होती है। तेज़ीब हफ़ी शायरी सिर्फ एहसासों का इज़हार नहीं, बल्कि जज़्बातों की वो सूक्ष्म अभिव्यक्ति है जो सीधे दिल को छू जाती है। चाहे मोहब्बत हो, दर्द हो, या जिंदगी के छोटे-बड़े अनुभव, उनकी शायरी हर पल के जज़्बात को बखूबी बयां करती है।
इस पोस्ट में हम आपके लिए चुनिंदा और बेहतरीन तेज़ीब हफ़ी शायरी पेश कर रहे हैं, जो न सिर्फ आपको महसूस कराएगी बल्कि आपकी सोच और भावनाओं को भी नई दिशा देगी।
Tehzeeb Hafi Shayari

मैंने जो कुछ भी सोचा हुआ है
मैं वो वक़्त आने पे कर जाऊँगा
तुम मुझे ज़हर लगते हो और
मैं किसी दिन तुम्हें पी के मर जाऊँगा !!
कौन तुम्हारे पास से उठ कर घर जाता है
तुम जिसको छू लेती हो वो मर जाता है !!
क्या ग़लत-फ़हमी में रह जाने का सदमा कुछ नहीं
वो मुझे समझा तो सकता था कि ऐसा कुछ नहीं !!
मेरे आँसू नही थम रहे कि वो मुझसे जुदा हो गया
और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया !!
अब उस जानिब से इस कसरत से तोहफ़े आ रहे हैं
कि घर में हम नई अलमारियाँ बनवा रहे हैं !!
Tehzeeb Hafi Shayari in Hindi

बार-बार गलती कर बैठे, पर अब भी खुद को समझा रहे हैं
गलतियों से ही सही, अपने आप को पहचान रहे हैं !!
गले तो लगना है उस से कहो अभी लग जाए
यही न हो मेरा उस के बग़ैर जी लग जाए !!
इसीलिए तो सबसे ज़्यादा भाती हो
कितने सच्चे दिल से झूठी क़समें खाती हो !!
तेरा चुप रहना मिरे ज़ेहन में क्या बैठ गया
इतनी आवाज़ें तुझे दीं कि गला बैठ गया !!
मेरे नाम से क्या मतलब है तुम्हें मिट जाएगा या रह जाता है
जब तुम ने ही साथ नहीं रहना फिर पीछे क्या रह जाता है !!
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Tehzeeb Hafi Shayari 2 Line

मैं उस से ये तो नहीं कह रहा जुदा न करे
मगर वो कर नहीं सकता तो फिर कहा न करे !!
जैसे तुमने वक़्त को हाथ में रोका हो
सच तो ये है तुम आँखों का धोख़ा हो !!
भरम रखा है तेरे हिज्र का वरना क्या होता है
मैं रोने पे आ जाऊँ तो झरना क्या होता है !!
ये एक बात समझने में रात हो गई है
मैं उस से जीत गया हूँ कि मात हो गई है !!
ये दुक्ख अलग है कि उससे मैं दूर हो रहा हूँ
ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है !!
Tehzeeb Hafi Shayari Love

मोहब्बत की हर राह तेरी तरफ़ जाती है
तू मिले या न मिले, धड़कन तेरा नाम गाती है !!
अब मज़ीद उससे ये रिश्ता नहीं रक्खा जाता
जिससे इक शख़्स का पर्दा नहीं रक्खा जाता
एक तो बस में नहीं तुझसे मोहब्बत ना करूँ
और फिर हाथ भी हल्का नहीं रक्खा जाता !!
तेरी यादों का सलीका भी कमाल रखता हूँ
तू रूठ भी जाए तो दिल में संभाल रखता हूँ !!
तेरे जाने का ग़म नहीं, तेरी कमी का डर है
मोहब्बत में अक्सर फ़ासलों से ही दिल बेघर है !!
तू साथ हो तो हर दर्द भी मंज़ूर है
क्योंकि तेरा होना ही तो सबसे हसीन सुकून है !!
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Deep Meaning Tehzeeb Hafi Shayari in Hindi

अब इन जले हुए जिस्मों पे ख़ुद ही साया करो
तुम्हें कहा था बता कर क़रीब आया करो !!
हमने चाहतों को यूँ ही नहीं खामोश किया
तुम्हारी ख़ुशी में खुद को बहुत दफ़ा दफ़्न किया !!
तेरी ख़ामोशी में भी इक अनकही दास्तान है
तू बोले ना बोले, मेरी धड़कन को पहचान है !!
मैंने हर मोड़ पर ख़ुद को तेरे नाम किया है
तू चाहे याद रख या भूल जा, मैंने तो इंतज़ाम किया है !!
हम एक उम्र इसी गम में मुब्तला रहे थे
वो सान्हे ही नहीं थे जो पेश आ रहे थे !!
Tehzeeb Hafi Shayari Hindi

तपते सहराओं में सब के सर पे आँचल हो गया
उसने ज़ुल्फ़ें खोल दीं और मसअला हल हो गया !!
इसीलिए तो सबसे ज़्यादा भाती हो
कितने सच्चे दिल से झूठी क़समें खाती हो !!
दिल के किसी कोने में अब भी तू ज़िंदा है
तेरे जाने के बाद भी तुझसे रिश्ता जिंदा है !!
ज़ेहन से यादों के लश्कर जा चुके
वो मेरी महफ़िल से उठ कर जा चुके !!
अपनी मस्ती में बहता दरिया हूँ
मैं किनारा भी हूँ भँवर भी हूँ !!
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Attitude Tehzeeb Hafi Shayari

लफ़्ज़ हमारे कम हैं पर असर गहरा करते हैं
जो दिल में उतर जाएँ फिर जिगर तक ठहरा करते हैं !!
जो हमें समझ न पाए, हम उसे समझाते नहीं
तेहज़ीब का अपना वक़ार है, हम शोर मचाते नहीं !!
जिसे दिल में जगह दें, उसे रूह तक उतार देते हैं
और जो न क़ाबिल हो, उसे दरवाज़े पर ही छोड़ आते हैं !!
हम वो हैं जो हर बात में ज़िक्र नहीं करते
और किसी ने भूल भी किया तो फ़ौरन फ़िक्र नहीं करते !!
लहज़े में नर्मी रखो, वरना अल्फ़ाज़ भी रूठ जाते हैं
हम वो हैं जो चुप रहकर भी बहुत कुछ साबित कर जाते हैं !!
Tehzeeb Hafi Shayari Status

ज़ेहन से यादों के लश्कर जा चुके
वो मेरी महफ़िल से उठ कर जा चुके
मेरा दिल भी जैसे पाकिस्तान है
सब हुकूमत करके बाहर जा चुके !!
तू मिल जाए तो रब की नेमतें पूरी हो जाती हैं
और बिछड़ जाए तो साँसें भी अधूरी हो जाती हैं !!
तू रूठा रहे उम्र भर कोई ग़म नहीं
बस तू किसी और का हो जाए ये मंज़ूर नहीं !!
तुझको बतलाता मगर शर्म बहुत आती है
तेरी तस्वीर से जो काम लिया जाता है !!
तुझ को पाने में मसअला ये है
तुझ को खोने के वसवसे रहेंगे !!
Tehzeeb Hafi Shayari Lyrics

तुम मिलो या न मिलो, मगर एहसास बना रहे
तुम्हारी यादों का दिया यूँ ही रात भर जलता रहे !!
तेरे लहजे की नर्मी में जादू कुछ ऐसा है
कि गुस्सा भी लगे जैसे किसी फूल जैसा है !!
अब ज़रूरी तो नही है कि वो सब कुछ कह दे
दिल मे जो कुछ भी हो आँखों से नज़र आता है !!
वो जो मुस्कुरा के कहते थे "हम हैं तुम्हारे"
आज वही सबसे ज़्यादा अजनबी लगते हैं !!
अभी से हाथ काँपने लगे मेरे
अभी तो मैं ने वो बदन छुआ नहीं !!
